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📘 RAS A2Z Reference Book — Agricultural Reforms & Marketing (Chapters 41-42)

🌾 कृषि सुधार एवं कृषि विपणन Chapters 41-42

Agricultural Reforms & Marketing — UPSC / RAS / SSC / Banking — RAS A2Z Reference Book
✅ सत्यापित स्रोत: Economic Survey 2025-26, Ministry of Agriculture, E-NAM, DPIIT, ICAR
"कृषि सुधार किसानों की आय दोगुना करने की कुंजी है।" — Agricultural reforms are the key to doubling farmers' income.

1 कृषि सुधार — प्रस्तावना

कृषि सुधार (Agricultural Reforms) भारतीय कृषि क्षेत्र में संरचनात्मक परिवर्तन लाने के लिए किए गए नीतिगत एवं विधायी प्रयास हैं। RPSC Syllabus में "कृषि सुधार" को PART-D के अंतर्गत रखा गया है। पिछले वर्षों में RPSC ने इस टॉपिक से 2-3 प्रश्न प्रत्येक वर्ष पूछे हैं .

कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 1970 के दशक से लगभग 2.8% की दीर्घकालिक औसत पर रही है, जबकि गैर-कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर विशेष रूप से 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद तीव्र रही है। इस अंतर के कारण कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्रों के प्रति कर्मचारी आय में भारी असमानता उत्पन्न हुई है .

~2.8%
कृषि की दीर्घकालिक वृद्धि दर
Economic Survey
1/5
कृषि कर्मचारी की आय (गैर-कृषि की तुलना में)
Economic Survey
1/3
किसान की आय (गैर-कृषि कार्यकर्ता की तुलना में)
Economic Survey
2014-15
किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य
Govt. of India
⚠️ RAS A2Z TRAP: कृषि सुधारों की आवश्यकता का मुख्य कारण धीमी वृद्धि एवं बढ़ती आय असमानता है। किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य 2014-15 में निर्धारित किया गया था .

2 कृषि सुधार — दो-आयामी रणनीति

NDA सरकार ने कृषि क्षेत्र की वृद्धि एवं किसानों के कल्याण को बढ़ावा देने हेतु दो-आयामी रणनीति (Two-pronged Strategy) अपनाई है :

आयामविवरण
विकासात्मक पहलमृदा स्वास्थ्य कार्ड, PMKSY, PMFBY, जैविक कृषि, संस्थागत ऋण, MSP पर खरीद
नीतिगत सुधारE-NAM, कृषि विपणन सुधार, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन
📌 EXAM TIP: विकासात्मक पहलों से किसानों की आय में वृद्धि होगी, लेकिन बड़ी वृद्धि के लिए नीतिगत सुधार आवश्यक हैं .

3 तीन कृषि कानून — 2020

⚠️ RAS A2Z TRAP: इन तीनों कृषि सुधार अधिनियमों को 2021 में निरस्त (Repealed) कर दिया गया था। परीक्षा में इनके उद्देश्य एवं विशेषताओं से प्रश्न पूछे जाते हैं, न कि वर्तमान स्थिति से .
किसान उत्पादन व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) अधिनियम, 2020
व्यापार सुधार
सितंबर 2020

उद्देश्य: किसानों को कहीं भी अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता .

विशेषताएँ: APMC मंडियों के बाहर व्यापार की अनुमति; अंतर-राज्यीय एवं अंतर-जिला व्यापार को बढ़ावा; मध्यस्थों (Middlemen) को हटाना .

लाभ: किसानों को प्रतिस्पर्धी मूल्य प्राप्त करना .

किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन एवं कृषि सेवा समझौता अधिनियम, 2020
मूल्य आश्वासन
सितंबर 2020

उद्देश्य: किसानों को कृषि-व्यवसाय फर्मों, प्रोसेसरों, निर्यातकों के साथ समझौता करने की अनुमति .

विशेषताएँ: मूल्य आश्वासन (Price Assurance) पर समझौता; किसानों को सुरक्षा प्रदान करना; किसान उत्पादन से पहले ही मूल्य तय कर सकते हैं .

आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020
भंडारण सुधार
सितंबर 2020

उद्देश्य: खाद्यान्नों के भंडारण एवं व्यापार को उदार बनाना .

विशेषताएँ: गेहूँ, चावल, दालों पर भंडारण सीमा हटाई गई; अत्यधिक मूल्य वृद्धि की स्थिति में ही सरकारी हस्तक्षेप .

लाभ: निजी निवेश को भंडारण एवं आपूर्ति श्रृंखला में आकर्षित करना .

4 नई पहल — 2025-26

PM Dhan-Dhaanya Krishi Yojana
बजट 2025-26
घोषणा: बजट 2025-26

कवरेज: 100 जिले (सबसे कम कृषि उत्पादकता वाले) .

उद्देश्य: कृषि उत्पादकता बढ़ाना; फसल विविधीकरण; सिंचाई सुविधाओं में सुधार .

नई फसल किस्में
ICAR
2014-2024: 2,900+ नई किस्में

विकास: ICAR ने 2014-2024 के बीच 2,900 से अधिक नई फसल किस्मों का विकास किया है .

विशेषता: जलवायु-अनुकूल (Climate-Resilient) किस्मों पर विशेष फोकस .

PM Kisan Nidhi
आय सहायता
₹4.28 लाख करोड़+ व्यय

लाभ: ₹6,000/वर्ष — 9.44 करोड़+ किसान .

5 कृषि विपणन — प्रस्तावना

कृषि विपणन (Agricultural Marketing) कृषि उपज को किसानों से उपभोक्ताओं तक पहुँचाने की संपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें संग्रहण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री शामिल हैं .

⚠️ RAS A2Z TRAP: कृषि विपणन केवल बिक्री नहीं है — इसमें संग्रहण (Collection), ग्रेडिंग (Grading), पैकेजिंग (Packaging), भंडारण (Storage), परिवहन (Transportation), प्रसंस्करण (Processing) आदि सभी शामिल हैं .

6 उद्देश्य एवं पारंपरिक व्यवस्था

कृषि विपणन के उद्देश्य

क्र.उद्देश्यविवरण
1उचित मूल्यकिसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाना
2बाजार तक पहुँचकिसानों को प्रतिस्पर्धी बाजारों तक पहुँच प्रदान करना
3खाद्यान्न अपव्ययभंडारण एवं परिवहन में होने वाली क्षति को कम करना
4मूल्य स्थिरताबाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव को कम करना
5गुणवत्ता संवर्धनउत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना

APMC — Agricultural Produce Market Committee

APMC अधिनियम राज्य सरकारों द्वारा अधिनियमित किए गए, जिनका उद्देश्य किसानों को अनुचित व्यापारिक प्रथाओं से बचाना था .

APMC — विशेषताएँ एवं समस्याएँ

नियमन: कृषि उपज की मंडियों (Markets) का विनियमन .

एकाधिकार: APMC के पास एकाधिकार (Monopoly) था .

समस्या: कम प्रतिस्पर्धा; किसानों को कम मूल्य; मध्यस्थों (Middlemen) का प्रभुत्व .

📌 EXAM TIP: APMC एकाधिकार के कारण किसानों को कम मूल्य मिलता था तथा मध्यस्थ अधिक लाभ कमाते थे .

7 E-NAM — राष्ट्रीय कृषि बाजार

E-NAM (National Agriculture Market)
केंद्रीय क्षेत्र योजना
लॉन्च: 14 अप्रैल 2015

उद्देश्य: APMC मंडियों को नेटवर्क कर पैन-इंडिया एकीकृत कृषि बाजार बनाना .

महत्व: ऑनलाइन नीलामी (Online Auction); पारदर्शी मूल्य निर्धारण; किसानों को बेहतर मूल्य .

E-NAM — नवीनतम आँकड़े (मार्च 2026 तक)

1,656
एकीकृत मंडियाँ
28 Feb 2026
1.80 करोड़
पंजीकृत किसान
e-NAM
₹4.84 L Cr
कुल व्यापार
तक March 2026
4,724
FPO ऑनबोर्ड
2025-26

E-NAM 2.0 — 12 फरवरी 2026

E-NAM 2.0
उन्नत संस्करण
लॉन्च: 12 फरवरी 2026

सुविधाएँ: स्वचालित बोली प्रणाली; मांग-आपूर्ति डेटा; लॉजिस्टिक्स सहायता; फिनटेक सेवाएँ .

📌 RAS A2Z KEY: E-NAM 2.0 को 12 फरवरी 2026 को लॉन्च किया गया .

8 FPOs एवं Model APMC Act

FPOs — Farmer Producer Organisations

FPOs (Farmer Producer Organisations)
सामूहिक विपणन
E-NAM पर: 4,724 (2025-26)

उद्देश्य: Economies of Scale प्राप्त करना .

लाभ: बेहतर मूल्य (Better Price); उन्नत प्रौद्योगिकी (Better Technology); सामूहिक विपणन (Collective Marketing) .

📌 EXAM TIP: FPOs किसानों की सौदेबाजी शक्ति (Bargaining Power) को बढ़ाते हैं .

Model APMC Act, 2003

Model APMC Act, 2003 को केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए बनाया था ताकि वे अपने APMC कानूनों में सुधार कर सकें .

Model APMC Act, 2003
सुझावात्मक
राज्यों के लिए मॉडल

विशेषताएँ: निजी मंडियों की अनुमति; एकल लाइसेंस; प्रत्यक्ष विपणन; ई-ट्रेडिंग .

9 कृषि विपणन — चुनौतियाँ

चुनौतीविवरण
खंडित बाजारछोटे-छोटे बाजार — पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ नहीं
मध्यस्थों का प्रभुत्वमध्यस्थ अधिकांश लाभ लेते हैं
भंडारण एवं परिवहनअपर्याप्त भंडारण सुविधाएँ, परिवहन लागत अधिक
फसल-उपरांत हानि10-15% फसल-उपरांत हानि
गुणवत्ता मानकगुणवत्ता में अंतर्राष्ट्रीय मानकों से पिछड़ापन
सूचना का अभावकिसानों को बाजार मूल्य एवं माँग की जानकारी नहीं
⚠️ RAS A2Z TRAP: फसल-उपरांत हानि (Post-harvest Loss) 10-15% है, जो भारत में कृषि की एक गंभीर समस्या है .

10 राजस्थान — कृषि विपणन

राजस्थान — APMC

राजस्थान — प्रमुख मंडियाँ

प्रमुख मंडियाँ: श्रीगंगानगर (गेहूँ), कोटा (चना), बीकानेर (मूंगफली), जोधपुर (सरसों) .

राजस्थान मंडी बोर्ड: राज्य स्तरीय विनियामक निकाय .

राजस्थान — E-NAM

#1
E-NAM — e-trade मात्रा में स्थान
राजस्थान
₹1,30,772 Cr
कुल व्यापार (2016 से जनवरी 2026 तक)
राजस्थान
📌 RAS A2Z KEY: राजस्थान E-NAM पर e-trade मात्रा में प्रथम स्थान पर है — यह परीक्षा में बार-बार पूछा जाने वाला तथ्य है .

राजस्थान — राज्य कृषि विपणन नीति 2024

राजस्थान राज्य कृषि विपणन नीति 2024
राज्य नीति
कैबिनेट अनुमोदन: 12 सितंबर 2024

उद्देश्य: विपणन अवसंरचना को सुदृढ़ करना; भंडारण क्षमता बढ़ाना; फसल-उपरांत हानि कम करना .

11 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

Q1. किसान उत्पादन व्यापार एवं वाणिज्य अधिनियम 2020 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(a) MSP बढ़ाना (b) किसानों को कहीं भी उपज बेचने की स्वतंत्रता (c) APMC को मजबूत करना (d) सब्सिडी बढ़ाना
✅ सही उत्तर: (b) किसानों को कहीं भी उपज बेचने की स्वतंत्रता
व्याख्या: इस अधिनियम का उद्देश्य किसानों को APMC मंडियों के बाहर कहीं भी उपज बेचने की स्वतंत्रता देना था .
Q2. E-NAM कब लॉन्च किया गया था?
(a) 14 अप्रैल 2015 (b) 14 अप्रैल 2016 (c) 14 अप्रैल 2017 (d) 14 अप्रैल 2018
✅ सही उत्तर: (a) 14 अप्रैल 2015
व्याख्या: E-NAM (राष्ट्रीय कृषि बाजार) को 14 अप्रैल 2015 को लॉन्च किया गया था .
Q3. तीन कृषि कानून 2020 को कब निरस्त किया गया?
(a) 2020 (b) 2021 (c) 2022 (d) 2023
✅ सही उत्तर: (b) 2021
व्याख्या: तीनों कृषि कानून 2020 को 2021 में निरस्त (Repealed) कर दिया गया था .
Q4. राजस्थान E-NAM पर e-trade मात्रा में किस स्थान पर है?
(a) प्रथम (b) द्वितीय (c) तृतीय (d) चतुर्थ
✅ सही उत्तर: (a) प्रथम
व्याख्या: राजस्थान E-NAM पर e-trade मात्रा में प्रथम स्थान पर है .
Q5. भारत में फसल-उपरांत हानि (Post-harvest Loss) कितनी है?
(a) 5-10% (b) 10-15% (c) 15-20% (d) 20-25%
✅ सही उत्तर: (b) 10-15%
व्याख्या: भारत में फसल-उपरांत हानि 10-15% है, जो एक गंभीर समस्या है .

12 अति लघु नोट्स — Quick Revision

तीन कृषि कानून: सितंबर 2020 — निरस्त 2021
व्यापार अधिनियम: कहीं भी बिक्री, मध्यस्थ हटाना
समझौता अधिनियम: मूल्य आश्वासन पर समझौता
ECA संशोधन: भंडारण सीमा हटाई
E-NAM: 14 अप्रैल 2015
E-NAM 2.0: 12 फरवरी 2026
PM Dhan-Dhaanya: 100 जिले (बजट 2025-26)
नई फसल किस्में: 2,900+ (2014-2024)
PM Kisan Nidhi: 9.44 करोड़+ किसान
FPOs (E-NAM): 4,724 (2025-26)
फसल-उपरांत हानि: 10-15%
राजस्थान E-NAM: #1 e-trade मात्रा
राजस्थान नीति: 12 सितंबर 2024
Model APMC Act: 2003